बेरोजगार,नाबालिग लड़कियों को नौकरी दिलाने के नाम पर शोषण,समाज पर तमाचा:-- सुरैया सहाब
शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
इन दिनों शहरी,ग्रामीण क्षेत्र से बेरोजगार नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उनको काम दिलाने, प्रेम प्रसंग,नौकरी दिलाने के नाम पर शारीरिक,आर्थिक, मानसिक शोषण किया जा रहा है,जो सभ्य समाज के मुंह पर एक तमाचा है। इन नाबालिक,बेरोजगार लड़कियों को बहला फुसलाकर एक राजय से दूसरे राज्य में ले जाकर आर्केस्ट्रा संचालकों,रेड लाइट एरिया में,बड़े-बड़े होटलों, प्रतिष्ठानों में पुरुषों के लिए शारीरिक सुख देने,शोभा बनाकर देह व्यापार कराया जा रहा है,जो बहुत ही शर्मनाक है। प्रशासन की सूचना मिलने पर इन स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, जहां से दर्जनों की संख्या में नाबालिक लड़कियां पकड़ी जा रही हैं,इन्हें मुक्त भी कराया जा रहा है। इन नाबालिक,बेरोजगार लड़कियों से अवैध रूप से गलत काम कराने वाले व्यक्तियों को सरकारी तंत्र पकड़ भी रहे हैं।
इन बिंदुओं पर पुलिस को गंभीर एवं संवेदनशील होना पड़ेगा ताकि इन नाबालिक,बेरोजगार बच्चियों का जीवन सुरक्षित रह सके।आर्केस्ट्रा के नाम पर किसी को कुछ भी करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए, पुलिस के पास इसका रिकॉर्ड,डाटाबेस रखना होगा।
पुलिस को रिकॉर्ड केआधार पर हमेशा छापेमारी करनी होगी,जांच पड़ताल करनी होगी,ऐसी घटनाओं पर रोक भी लगानी होगी। पुलिस प्रशासन एवं सामाजिक कार्यकर्ता,गैर सरकारी
संगठन,महिला पुलिस प्रशासन को हमेशा सतर्क रहना पड़ेगा,ताकि किसी भी नाबालिक,बेरोजगार लड़कियों का किसी भी प्रकार का शोषण नहीं
हो सके। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को इस बिंदु पर हमेशा संज्ञान लेते रहना चाहिए,ताकि समाज में किशोरियों,युवतियों,महिलाका सम्मान रह सके,वे सभी निर्भीक रहकर अपना जीवन व्यतीत कर सकें।