सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाले आपत्तिजनक वीडियो के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर चिंता।
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर धार्मिक भावनाएँ आहत करने का गंभीर मामला सामने आया है। दीवानी कचहरी गोरखपुर में विधि व्यवसाय करने वाले अधिवक्ता मो० जैबी ने इस प्रकरण में पुलिस प्रशासन की उदासीनता पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
अधिवक्ता मो० जैबी के अनुसार दिनांक 14 जनवरी 2026, समय लगभग सुबह 11 बजे, इंस्टाग्राम पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसे परी यादव द्वारा अपने इंस्टाग्राम आईडी (pari_yadav8908) से पोस्ट किया गया। उक्त वीडियो में अल्लाह/ईश्वर के विरुद्ध आपत्तिजनक, अभद्र एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की गई, जिससे न केवल उनकी बल्कि देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। यह कृत्य देश में साम्प्रदायिक तनाव एवं दंगा भड़काने की नीयत से किया गया प्रतीत होता है, जिससे हिंदू–मुस्लिम भाईचारे को नुकसान पहुँच सकता है।
इस मामले में अधिवक्ता मो० जैबी द्वारा एसपी सिटी/कप्तान गोरखपुर तथा सीओ गोरखनाथ को लिखित रूप से प्रार्थना-पत्र (एप्लीकेशन) भी दिया जा चुका है, इसके अलावा कई संगठनों द्वारा भी विभिन्न थानो में एफ आई आर के लिए प्रार्थना पर दिया गया है, किंतु कई दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस प्रशासन की इस प्रकार की लापरवाही से समाज एवं प्रदेश का माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ती जा रही है, जिससे कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अधिवक्ताओ ने मांग की है कि आरोपी परी यादव एवं उसके सहयोगियों के विरुद्ध तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तारी की जाए, ताकि समाज में शांति, सौहार्द एवं कानून का सम्मान बना रहे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएँ और अधिक बढ़ सकती हैं, जिसका दुष्परिणाम पूरे समाज को भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि इस प्रकार की आपत्तिजनक एवं समाज को बांटने वाली सामग्री को साझा न करें तथा कानून का सहारा ले।
इस अवसर पर एडवोकेट वसी खान, एडवोकेट मोईन खान, एडवोकेट डी पी सरोज, एडवोकेट मनीष यादव, एडवोकेट मो आसिम, एडवोकेट मो हसनैन, एडवोकेट सुबहान अली, एडवोकेट विजेंद्र मिश्रा, एडवोकेट गुलाब मौर्य, एडवोकेट मजाज़ अली, एडवोकेट मो सलमान, एडवोकेट मो फैसल, एडवोकेट तौहीद, एडवोकेट जैद खान, एडवोकेट सुमित मिश्रा के अतिरिक्त अधिवक्ताओं की अधिक संख्या उपस्थित थीं।