Tranding
Tue, 14 Apr 2026 01:27 AM

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के छठ घाटों की सफाई हो गई पूरी

शहाबुद्दीन अहमद

बेतिया, बिहार

जिले के विभिन्न ग्रामीण, शहरी क्षेत्र के छठ महापर्व की तैयारी में जुट गए हैं।घरों की साफ सफाई से लेकर आसपास की सफाई का कामआरंभ कर दिया गया है। छठ की मनभावन गीत बजने लगे हैं,लेकिन पवित्रताऔर आस्था के संग्राम रूपी महापर्व पर बेतिया नगर निगम छठ घाट की साफ सफाई का काम हो गई है। शहरी क्षेत्र में मुख्य रूप से 72 छठ घाट हैं,जबकि 50 से अधिकअन्य छोटे-छोटे छठ घाट भी हैं,ऐसे मेंअगर समय से पहले छठ घाट,नदियों , जलाशयों,तालाबों की साफ सफाई का काम होने लगा है जिससे छठ व्रतियों को काफी सहूलत होगी।संवाददाता को पता चला है कि सिर्फ नगर निकाय क्षेत्र के कुल 46 वार्डों के करीब 60 हजार से ऊपर छठवर्ती हैं,चार दिनों तक चलने वाला इस महापर्व की तैयारी लोग महीना पहले से लोग करतेआते हैं।यही कारण हैं कि विभिन्न राज्यों में काम करने वाले मजदूर,सगे संबंधी छठ पर्व केअवसर पर निश्चित रूप सेअपने-अपने परिवार से मिलने,छठ पर्व मनाने के लिएआते हैं।नगर निगम क्षेत्र में छठ घाटों की सफाई का काम भी अब पूरा हो गया है साफ सफाई में विलंब का कारण विधानसभा चुनाव के लिए कर्मियों का ट्रेनिंग में शामिल होना बताया जा रहा है।निगम क्षेत्र के प्रमुख छठ घाट में पहुंचपथ की साफ सफाई की जिम्मेवारी नगर निगम की है।चुना,ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव भी नगर निगम द्वारा ही की जाती है।वही सघनआबादी वाले छठ घाटों पर चलंतशौचालय भी निगम द्वारा ही लगाया जाता है,जबकि जिन तालाबोंऔर जलाशयों में मछली पालन मत्स्य विभाग द्वारा कराया जाता है,वहां पर भी जल की सफाई उन्हीं को करनी होती है,अन्य जगहों पर नगर निगम के जिम्मेदारी है।पानी में चुना ब्लीचिंग पाउडर डालकर उसकी सफाई कराई जाती है।साथ ही बैरिकेडिंगऔर लाइटनिंग का काम पूजा समितियां के जिममें रहती है,प्रशासन की तरफ से महिला छठव्रतियों के लिए ड्रेसिंग रूम भी बनाई जाती है,जहां महिलाएं नहाकर अपने कपड़ों को बदलती हैं। सभी छठ घाटों पर पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था की जाती है,वहीं गहरे जलाशय,नदियों में नावऔर नाविक उपलब्ध रहते हैं। विशेष परिस्थिति में, एसडीआरएफ, एनडीआरफ टीम गोताखोरों के साथ लगी रहती है,ताकि कोईअप्रिय घटना घटने पर इस पर कार्रवाई की जा सके।

Karunakar Ram Tripathi
56

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap