न्यायालय में केस डायरी नहीं सौंपने पर पुलिसअधिकारी का रुका वेतन
शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
न्यायालय को विगत19 वर्ष में थाना से कोर्ट में केस डायरी नहीं सौंपने पर कोर्ट शख्त होते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों का वेतन बंद करने काआदेश दिया है। इसके लिए एस पी बगहा को निर्देशित किया गया है कि 15 दिन के अंदर की गई कार्रवाई से कोर्ट कोअवगत कराई जाए। मामला बगहा पुलिस जिला के रामनगर थाना कांड संख्या 27/06 का है,यह मामला पिछले15 वर्षों से अभियोजन साक्ष्य में लंबित चल रहा है।अभियोजन पदाधिकारी ने संवाददाता को बताया कि जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ,मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट में रामनगर थाना कांड संख्या 27/06 की सुनवाई चल रही है,सुनवाई के दौरान पाया गया कि कांड दैनिकी के नहीं रहने के कारण सूचक केअलावाअन्य साथियों का साक्षय नहीं ले पाया जा रहा है,तथा केस के लिए बार-बार रामनगर थाना के थानाअध्यक्ष को लिखा गया है,निर्देश दिया गया है कि रामनगर थानाअध्यक्ष की तरफ से इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, इनके द्वारा ना तो कांड दैनिक ही उपलब्ध कराई गई और ना ही कोई उचित कारण बताया जिससे कि कोर्ट संतुष्ट हो सके,इतना ही नहीं इसको लेकर एसपी बगहा को भी निर्देशित किया गया था, बावजूद इसके कांड दैनिकी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया दरअसल रामनगर थाना क्षेत्र के बेलोरा निवासी,सरफूल मियां नेअपने पुत्र,तूफानी मियां केअपहरण कर हत्या कर दिए जाने के संबंध में पांच लोगों को नाम प्राथमिकी में दर्ज कराया था।16 जुलाई 2010 को सूचक की गवाही हुई,तथा कांड दैनिकी के अभाव में अन्य साथियों की गवाही नहीं हो सकी। घटना 3 फरवरी का 19 वर्ष पुराना है। इसमें कोर्ट की से आठ फरवरी 2024 को एस पी बगहा को रामनगर थाना कांड संख्या 27/06 का कांड दैनिकी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था,इसके बावजूद भी रामनगर थाना अध्यक्ष के द्वारा कांड दैनिक की सुपुर्द नहीं की गई और नहीं इसका कोई उचित कारण बताया गया कि क्यों नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। कोर्ट ने माना के रामनगर के थानाअध्यक्ष के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, साथ ही न्यायिकआदेश का उल्लंघन किया जा रहा है।