Tranding
Sun, 17 May 2026 10:17 AM

पंचायत सरकार भवन निर्माण पर करोड़ों का खर्च, भवन का संचालन ठप।

शहाबुद्दीन अहमद

बेतिया, बिहार।

बिहार सरकार ने सभी पंचायत में,पंचायतभवन का निर्माण करोड़ों रुपया खर्च करके हो गया,मगर इसका कोई उपयोग नहीं है, कहीं-कहीं तोअधूरा निर्माण पड़ा हुआ है,कहीं-कहीं तो इसका शुरुआत भी नहीं हो सका है,यह सब सरकार की लापरवाही प्रदर्शित करती है।

करोड़ों रुपया खर्च करके पंचायत भवन का निर्माण कराना फजूलखर्ची प्रतीत होता है,पंचायत भवन निर्माण के बाद उसका संचालन ठप है,कोई काम उस पंचायत भवन में नहीं हो रहा है,यह पंचायत भवन केवल गांव की शोभा बढ़ा रही है,ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है,इससे विकेंद्रीकरण और सरकारआपके द्वार जैसी योजनाओं का अवधारण कमजोर पड़ रही है,जिससे पूरी व्यवस्था ही पूर्णत:फेल है।इसका सफल संचालन के लिए सरकार को चाहिए कि पंचायत स्तर के पदाधिकारी,कर्मियों को

नियमित रूप से इस पंचायत भवन में बैठकर,ग्रामीणों की सारी समस्याओं का समाधान करें,ताकि ग्रामीणों के मूलभूत समस्याओं का निराकरणआसानी से हो सके 

ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय तक को दौड़ नहीं लगानी पड़े 

इसी उद्देश्य के तहत सरकार ने प्रत्येक पंचायत में पंचायत भवन बनाने की प्रक्रिया की थी,मगर इस पंचायतभवन बनने के बाद भी ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है,सम्राट चौधरी की बिहार सरकार बिल्कुल हीआसफलता की ओरअग्रसर है,नियमित रूप से कोई काम नहीं हो रहा है,

राज्य से लेकर,जिला, अनुमंडल,प्रखंड कार्यालय तक सुविधा शुल्क का बाजार गर्म है,इस पर कोई नियंत्रण नहीं है,घूसखोरी चरम सीमा पर पहुंच गई है,बिना घूस दिए कोई काम नहीं हो रहा है 

यही सरकार की रणनीति बन गई है,सम्राट चौधरी की इस सरकार में गैस,पेट्रोल, डीजल,खाद्य पदार्थ,महंगाई, बेरोजगारी,पलायन की मार सेआम जनता तरसत है,इन सभी चीजों पर कोई नियंत्रण नहीं है।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
1

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap