जयंती पर याद किए गए चक्रवर्ती सम्राट अशोक
रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया।अखंड भारत के चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती अशोकाष्टमी के अवसर पर सम्यक मैत्री मिशन के तत्वावधान में आइडियल पब्लिक स्कूल मानपुर में आयोजित की गई जिसमें पड़ोसीगण के साथ - साथ शिक्षक - शिक्षिकाएं एवं बच्चे सहित अनेक बुद्धिजीवी एवं समाजसेवीगण शामिल हुए।सम्यक मैत्री मिशन के सचिव अजय विद्यार्थी, कैरियर क्लासेज के प्रबंध निदेशक सत्येंद्र कुमार एवं शिक्षक सुमन कुमार आदि के द्वारा सामूहिक रूप से प्रियदर्शी सम्राट अशोक की आदमकद चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सम्राट अशोक की जीवनी एवं कार्यों की चर्चा करते हुए उन्हें प्राचीन भारत का शिल्पकार बताया गया। कलिंग युद्ध के पश्चात वे बुद्ध विचार अपनाकर समता, स्वतंत्रता और न्याय के लिए कार्य किए। सर्व लोकहित से बढ़कर दूसरा कार्य नहीं के सिद्धांत पर कार्य करते हुए उनके द्वारा न सिर्फ मानव बल्कि पशु हित के लिए किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी वक्तागण के द्वारा दी गई। महामानव तथागत बुद्ध के समता,स्वतंत्रता, न्याय, बंधुत्व, करुणा, मैत्री आदि विचारों का प्रचार प्रसार हेतु उनके द्वारा 84000 स्तंभ लगाए गए। विदेशों में बुद्ध धम्म का प्रचार एवं अखंड भारत का निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए उनके नाम पर अशोक चक्र एवं राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ को बाबासाहब के प्रयास से उन्हें भारतीय संविधान में विशेष स्थान दिया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन में जया भारती, अंजली भारती, रवि किशन, कृष कुमार आदि का सक्रिय योगदान रहा।