जुमला दिवस के रूप में मनाई गई प्रधानमंत्री का जन्म दिवस साथ ही विश्वकर्मा पूजा भी
शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
विगत वर्षों के भांति इस वर्ष भी प्रधानमंत्री का जन्म दिवस जुमला दिवस के रूप में पूरे भारतवर्ष में समर्पित हो रहा है युवा हल्ला बोल आंदोलन के राष्ट्रीयअध्यक्ष, अनुपम ने संवाददाता को बताया कि इस बार फिर बेरोजगार युवक मोदी के जन्मदिन पर जुमला दिवस मना रहे हैं।अनुपम ने बताया कि बेरोजगारी एक राष्ट्रीयआपदा का रूप ले चुकी
है।जीवन मरण का सवाल बन चुकी है,बेरोजगारी के चलते आत्महत्या की खबरेंआम होती जा रही हैं,ऐसे में सरकार को चाहिए कि भारत रोजगार संहिता यानी "भरोसा" लागू करें,लेकिन दुख की बात यह है कि प्रधानमंत्री यह मानने को तैयार ही नहीं है कि बेरोजगारी कितना गंभीर संकट है,जो इस देश को घुन की तरह खा रहा है। बेरोजगारी के खिलाफ जुमला दिवस मनाने का संकल्प युवाओं के द्वारा किया जा रहा है। देश में बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाने मेंअहम भूमिका निभाने वाले युवा हल्ला बोल संस्थापक, अनुपम का कहना है कि सरकार युवाओं के प्रति संवेदनसील बन बेरोजगारी को राष्ट्रीयआपदा मानकर समाधान निकाला जाए। बेरोजगार युवकों को हताशा और अंधकार से निकालकर उम्मीद और समाधान की दिशा में ले जाया जाए।
बेरोजगारी के खिलाफ "जुमला दिवस" मनाने के पीछे रोजगार को लेकर मोदी सरकार की विफलताऔर वादाखिलाफी है।इस तरह लगातार तीसरे साल 17 सितंबर का दिन बेरोजगारी के ज्वलंत मुद्दे को समर्पित रहेगा।देश के बेरोजगार युवकों का कहना है कि मोदी सरकार जब से गद्दी संभाली है,तब से बेरोजगारी का प्रतिशत और बढ़ता ही जा रहा है। रोजगार मिलने का सवाल ही नहीं पैदा हो रहा है,युवा का प्लायान हो रहा है,महंगाई,बेरोजगारी, पलायन,देश की विकट समस्या बन गई है। केंद्र की भाजपा शासित मोदी सरकार केवल राजनीतिक को उठा पटक में लगी हुई है विरोधी दलों के नेताओं को कैसे परास्त किया जाए इनका मूल मनसा है,इसी आधार पर देश को आगे ले जाना चाहते हैं, संविधान का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन हो रहा है।वोट की राजनीति चरण सीमा पर है। ऐसे ऐसे अंधा कानून बनाए जा रहे हैं,जिससे देशवासियों को ह्रास करने का कार्यक्रम है।देशवासियों को केवल कागजों में उलझा कर रख दिया गया है,विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को चलाकर देशवासियों को कागजी कीड़ा बना दिया गया है,ताकि आम जनता इन लोगों के करतूतों पर ध्यान नहीं ले जाए।
पूरे जिले में शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विश्वकर्मा पूजा बड़ी धूमधाम से मनाई जा रही है,इससे संबंधित लोग विश्वकर्मा भगवान की आरती उतार रहे हैं,पूजा पाठ में जुटे हुए हैं, प्रसाद वितरण कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर का दिन विश्वकर्मा पूजाऔर प्रधानमंत्री का जन्म दिवस, बेरोजगार दिवस,"जुमला दिवस"के रूप में के रूप में मनाया जा रहा है।