Tranding
Sat, 30 May 2026 02:42 AM
धार्मिक / May 29, 2026

पकड़ी चौबे में 4 जून को अजीमोशान (भव्य) 'पैगाम-ए-रजा व निजामी कॉन्फ्रेंस' का आयोजन।

कायद-ए-अहले सुन्नत मुफ्ती असजद रजा खान के आगमन को लेकर अकीदतमंदों (श्रद्धालुओं) में जबरदस्त उत्साह।

भारत समाचार न्यूज एजेंसी

बस्ती, उत्तर प्रदेश।

अल-निजामी फाउंडेशन पकड़ी चौबे जमदाशाही के तत्वावधान में 4 जून,गुरुवार बाद नमाज-ए-इशा एक अजीमोशान और ऐतिहासिक पैगाम-ए-रजा व निजामी कॉन्फ्रेंस'** का आयोजन होने जा रहा है। यह कॉन्फ्रेंस 'दारुल उलूम निजामिया', 'रजा निजामी जामा मस्जिद' और 'अल-निजामी पब्लिक स्कूल' के शिलान्यास (संग-ए-बुनियाद) के गरिमामयी अवसर पर आयोजित की जा रही है, जिसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस की सरपरस्ती (संरक्षण) शहजादा-ए-ताजुल शरिया, कायद-ए-अहले सुन्नत मुफ्ती असजद रजा खान कादरी (काजी-उल-कुज्जात फिल हिंद, बरेली शरीफ) फरमाएंगे। जबकि अध्यक्षता (सदारत) के कर्तव्य हबीबुल उलेमा अल्लामा शाह मुफ्ती सुफी मोहम्मद हबीबुर्रहमान रिजवी सज्जादानशीन खानकाह-ए-निजामिया, अगिया शरीफ निभाएंगे। कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि (मेहमान-ए-खुसूसी) के रूप में शहजादगान-ए-कायद-ए-अहले सुन्नत हजरत मोहम्मद हुसाम अहमद रजा खान कादरी और हजरत मोहम्मद हम्माम अहमद रजा खान कादरी (बरेली शरीफ) शिरकत फरमाएंगे।

 देश के कोने-कोने से आएंगे विद्वान (उलेमा)

कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने के लिए देश के कोने-कोने से प्रसिद्ध उलेमा और प्रख्यात वक्ता (खतीब) तशरीफ ला रहे हैं। विशेष रूप से:

 शम्सुल फुकहा मुफ्ती शमशाद अहमद मिस्बाही (शेखुल हदीस जामिया अमजदिया रज़विया, घोसी)मुनाजिर-ए-अहले सुन्नत अल्लामा अब्दुल मुस्तफा हशमती (रदौली शरीफ)मुफ्ती आशिक हुसैन कश्मीरी (बरेली शरीफ)अल्लामा कमाल अख्तर मिस्बाही(मोहम्मदपुर)उस्ताजुल फुकहा मुफ्ती निजामुद्दीन मिस्बाही(अध्यक्ष इफ्ता विभाग, अलीमिया जमदाशाही)अल्लामा शफीकुर्रहमान मिस्बाही (जमदाशाही)मौलाना अनीस आलम सीवानी(लखनऊ)

 सैयद मोहम्मद अब्दुल समद (बरेली शरीफ)मौलाना जुल्फिकार अली बरकाती (मुंबई)

इनके अलावा कारी मोहम्मद शमीम खान और मुफ्ती इश्तियाक अहमद कादरी भी संबोधित करेंगे। मंच संचालन (निजामत) का जिम्मा नकीब-ए-अहले सुन्नत मौलाना मोईन अख्तर रिजवी संभालेंगे।

इस नूरानी महफिल में देश के मशहूर और जाने-माने शायर, शहंशाह-ए-तरन्नुम सैयद कैफी अली (बरेली शरीफ) और शायर-ए-इस्लाम जनाब जिया यजदानी(बहराइच शरीफ) अपनी सुरीली और जादूभरी आवाज में नात-ए-पाक और मनकबत पेश करेंगे। इनके अलावा आसपास के जिलों से दर्जनों वरिष्ठ उलेमा मंच की रौनक बढ़ाएंगे।

कॉन्फ्रेंस के संयोजक (कन्वीनर) और प्रसिद्ध व्यवसायी हाजी वहीदुल्लाह खान निजामी (अल-निजामी दरबार रेस्टोरेंट, साकीनाका, मुंबई) ने बताया कि:

> "कायद-ए-अहले सुन्नत के आगमन को लेकर पूरे इलाके और अकीदतमंदों में असीम उत्साह देखा जा रहा है। जलसागाह (कार्यक्रम स्थल) में महिलाओं की भागीदारी के लिए पर्दे का बेहतरीन और पूरी तरह से अलग इंतजाम किया गया है। इसके अलावा, दूर-दराज के जिलों से आने वाले मेहमानों के लिए भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की पूरी व्यवस्था रहेगी।"

अल-निजामी फाउंडेशन के पदाधिकारियों और सभी प्रबंधन सदस्यों ने तमाम लोगों से अपील की है कि वे इस शैक्षणिक व धार्मिक परियोजना के शिलान्यास और ऐतिहासिक कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में भाग लेकर दोनों जहान (दारैन) की बरकतों और सौभाग्यों से मालामाल हों।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
2

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap