सुंदरीकरण के नाम पर छठ माता की बेदियों को जेसीबी से हटाना यह धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने जैसा है:- करुणाकर राम त्रिपाठी
परतावल, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश
कुछ ही दिनों में आस्था का पर्व छठ पूजा आने वाली है। सभी लोग छठ पूजा की तैयारी में जुट गए हैं।
नगर पंचायत परतावल वार्ड नंबर 11 स्वतंत्रता सेनानी नगर शिव मंदिर छठ घाट पर तीन वर्ष पूर्व जेसीबी के द्वारा सुंदरीकरण के नाम पर छठ माता की बेदियों को हटवाया गया था और पुनः फर्श बन जाने के बाद उन बेदियों को रखने का वादा किया गया था, लेकिन आज तीसरे वर्ष में कुछ ही दिनों में छठ पर्व आने वाला है लेकिन अभी तक उन तोड़ी गई बेदियों में से कोई बेदी स्थापित नहीं किया गया बल्कि रोड के तरफ कुछ नई बेदिया बनी परन्तु पुरानी बेदियों को हटवा दिया गया। मौके पर उस जगह सिर्फ एक बेदी को स्थापित किया गया बाकी बेदीयों को कूड़े की तरह किनारे रख दिया गया, जिसमें से कुछ बेदिया इस समय गायब है।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन महराजगंज जिला प्रवक्ता करुणाकर राम त्रिपाठी ने बताया कि उनकी बेदी और उनके अगल-बगल परतावल त्रिपाठी परिवार सहित अन्य लोगों की भी बहुत सारी बेदिया थी जिन्हें जेसीबी के द्वारा सुंदरीकरण के नाम पर हटवाया गया था और यह कहा गया था कि फर्श बन जाने के बाद पुनः सभी छठ माता की बेदियों को स्थापित कर दिया जाएगा, परंतु आज तीसरे वर्ष में पुनः छठ पर्व आने वाला है अभी तक उन वेदियों को स्थापित करने की तो बात दूर उन बेदियों को बहुत ही बुरी तरीके से किनारे कूड़े की तरह रख दिया गया और आधे से ऊपर बेदी का तो पता ही नहीं चला की वो बेदी कहाँ गई।कई चैनलों में इस संबंध में खबरें भी चली लेकिन इस खबरों पर भी किसी भी जनप्रतिनिधि या किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को कोई फर्क नहीं पड़ता। यह कहाँ जाये तो धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने बताया कि उनकी बेदी लगभग 20-25 साल पुरानी थी जिस पर उनकी माताजी छठ पर्व पर पूजा अर्चना करती थी।
उन्होंने कहाँ की यह कलयुग चल रहा है यहां पर लोग धर्म को नहीं सिर्फ धन को महत्व दे रहे है चारों तरफ सिर्फ दलालो और चाटुकारों की बल्ले बल्ले है। आम जनता का किसी से कुछ लेना देना नहीं।
अंत में उन्होंने बताया की उन्होंने पूजा के लिए जगह पर मिट्टी की बेदी बनाया है आगे अगर ऐसा ही रहा तो घर पर ही पूजन की व्यवस्था करेंगे...