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धार्मिक / Dec 04, 2023

प्रेम व शांति की सीख देता है पैगंबर साहब का जीवन - मौलाना ताहिर

- एमएसआई इंटर कॉलेज में चार दिवसीय वार्षिक जलसे का समापन

- तालीम के साथ बच्चों को दें अच्छे संस्कार - अतयब जैदी 

सैय्यद फरहान अहमद

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

मुसलमानों के बीच तेजी से बच्चों को तालीम दिलाने का रुझान बढ़ा है जो भविष्य के लिए अच्छा संकेत है। जाहिर है कि कोई भी कौम उसी वक्त तक तरक्की की रफ्तार नहीं पकड़ सकती है जब तक वो तालीम के मैदान में खुद को साबित करने का माद्दा न रखती हो। 

यह बातें आजमगढ़ के मौलाना मो. ताहिर मदनी ने कही। मौलाना सोमवार को मियां साहब इस्लामिया (एमएसआई) इंटर कॉलेज में आयोजित चार दिवसीय जलसा-ए-सीरतुन्नबी के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जीवन हमें प्रेम, शांति और सौहार्द की शिक्षा देता है। हमें उनकी शिक्षाओं को समझने और उसे अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न सिर्फ बच्चों का हौसला बढ़ता है बल्कि उनका हुनर भी निखरकर सामने आता है।  

विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् अतयब अली जैदी ने कहा कि तेजी से बदलते वक्त के साथ कदमताल करने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई और सीखी जाए। देश को डॉक्टरों, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की उसी तरह जरूरत है जैसे विद्वानों की। हम शादी और अन्य समारोहों पर लाखों रुपये खर्च करते हैं लेकिन स्कूल और कॉलेज स्थापित करने के बारे में नहीं सोचते। इसलिए, अब मुसलमानों को अपने बच्चों को किसी भी कीमत पर शिक्षित करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि तालीम हासिल करना बड़ा मकसद होता है लेकिन यह मकसद तभी हासिल हो सकता है जब तालीम के साथ बेहतरीन तरबियत (संस्कार) भी दी जाए। प्रबंधक महबूब सईद हारिस ने कॉलेज की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्य जफर अहमद खां ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर मुख्तार अहमद, अनीस अहमद, डॉ. रफीउल्लाह बेग, रिजवानुल हक, अहमद तंजीम, अब्दुल तुराब, मो. जाबिर, हसन जमाल बबुआ, नजमुद्दीन अहमद आदि मौजूद रहे।


Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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