प्रियदर्शी सम्राट अशोक विश्व के महान शासक-सतीश चंद्र बौद्ध
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
दि बुध्दिस्ट सोसाइटी ऑफ़ इंडिया (भारतीय बौद्ध महासभा )जिला -शाखा -गोरखपुर के तत्वावधान में स्थान -जंगल छात्रधारी, टोला शाहपुर जिला गोरखपुर समय शाम 6बजे से प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान का जन्मदिवस समारोह मनाया गया सभा को सम्बोधित करते हुये
मुख्यतिथि सतीश चंद्र बौद्ध ने कहाँ कि प्रियदर्शी सम्राट अशोक विश्व के महान शासक थे जिनका भारतीय इतिहास में अतुल्यनीय विवरण मिलता है समाचार अशोक का जन्म 340ईसा पूर्व पाटलिपुत्र पटना में हुआ था सम्राट अशोक का राज्य नेपाल, बांग्लादेश, पूरा भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, और बलूचिस्तान, तक एक छत्र राज था जिसका अंदाजा भारत के राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ से लगाया जा सकता है और तिरंगे राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र समाहित है और सांची के स्तूप में भारतीय मुद्रा 200 के नोटों पर सांची का स्तूप अंकित है! सभा को संबोधित करते हुए डॉक्टर अनिल कुमार गौतम ( राष्ट्रीय मीडिया सदस्य)ने कहा कि चक्रवर्ती सम्राट अशोक तथागत बुद्ध के लोक कल्याणकारी, धम्म देशनाओ से संपूर्ण विश्व को करुणा,मैत्री आपस में भाई चारा,कायम किया!सभा को संबोधित करते हुए डॉक्टर अजय प्रकाश गौतम ने बताया कि कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक का हृदय परिवर्तित हुआ और उन्होंने बौद्ध धम्म को ग्रहण कर लिया, सर्वप्रथम मनुष्य के साथ-साथ पशु पक्षियों के लिए भी चिकित्सालय का निर्माण हुआ, राह गीरों के लिए छायादार व फलदार वृक्ष लगाए, धर्मशालाएं एवं कुंवा बनवाएं, 84000 स्तूपों का निर्माण कराये 23 विश्वविद्यालय की स्थापना करवाये धमदायक बनकर अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को धर्म के प्रचार प्रसार के लिए श्रीलंका भेजें सभा को मुख्य रूप से रामयश बौद्ध, इंजीनियर भोला प्रसाद, डॉ रामजी बौद्ध, आदि लोगों ने सम्बोधित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विनय कुमार राही गोरखपुर और संचालन दीपक प्रिय ने किया