भारतीय नव संवत्सर का स्मरण एवं अभिनंदन आवश्यक।
भारत समाचार न्यूज एजेंसी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
भारतीय संस्कृति एवं समारोह व महोत्सव आयोजन समिति के कार्यकारिणी सदस्य अखिलेश्वर धर द्विवेदी ने कहा ही नव संवत्सर का स्मरण एवं अभिनंदन आवश्यक है। यह हमारी संस्कृति से जुड़ा है।
भारतीय नव संवत्सर के पावन अवसर पर युगाब्द 5127 तथा विक्रमी संवत 2083 के शुभारंभ पर एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता ने प्रदेशवासियों एवं नगरवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय नव संवत्सर हमारी प्राचीन सनातन परंपरा, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। भारतीय पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला यह नववर्ष प्रकृति के नवोन्मेष, नई ऊर्जा और सकारात्मक संकल्पों का संदेश देता है। यह वही पावन काल है जब सृष्टि के सृजन का आरंभ माना जाता है और भारतीय जीवन दर्शन में इसे नव आरंभ के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है।
द्विवेदी ने कहा कि भारतीय कालगणना की परंपरा अत्यंत प्राचीन और वैज्ञानिक है। युगाब्द की गणना भगवान श्रीकृष्ण के समय से मानी जाती है, जबकि विक्रमी संवत का प्रारंभ सम्राट विक्रमादित्य की विजय के उपलक्ष्य में हुआ था। यह हमारी सभ्यता की समृद्धता और सांस्कृतिक निरंतरता का प्रमाण है। भारतीय नव संवत्सर हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और सनातन संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम सभी अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों की रक्षा के लिए जागरूक रहें तथा नई पीढ़ी को भी भारतीय जीवन पद्धति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का प्रयास करें। भारतीय संस्कृति “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना के साथ समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाती है।
द्विवेदी ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे भारतीय नव संवत्सर के अवसर पर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण करते हुए सामाजिक समरसता, पारस्परिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लें।
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि युगाब्द 5127 एवं विक्रमी संवत 2083 का यह नव वर्ष सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और नई ऊर्जा लेकर आए तथा हमारा समाज और राष्ट्र निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर हो। भारतीय संस्कृति एवं जीवन पद्धति को अपनाएं साथ ही अन्य को प्रेरित करें यही समय की आवश्यकता है।
नव संवत्सर की सभी को हार्दिक शुभकामना।