Tranding
Mon, 13 Apr 2026 07:47 AM

डॉ.अब्दुल अली तिब्बिया कॉलेज में सीरतुन्नबी सम्मेलन :"तिब्ब-ए-नबवी की विशेषताओं" पर विचार-विमर्श

रिपोर्ट: अब्दुल नईम कुरैशी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश

डॉ. अब्दुल अली तिब्बिया कॉलेज में आज सीरतुन्नबी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस बार का विषय था “तिब्ब-ए-नबवी : विशेषताएँ और उत्कृष्टताएँ”। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी शिक्षक व छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

सम्मेलन की शुरुआत मौलाना सगीर साहब की तिलावत-ए-कुरआन से हुई। इसके बाद छात्रा फ़लक सर्ताज ने नात-ए-पाक पेश कर माहौल को रोशन किया।

मुख्य वक्तव्य में कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. शहीरुल्लाह क़ादरी ने तिब्ब-ए-नबवी की अहमियत व उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विभिन्न बीमारियों का ज़िक्र करते हुए रसूलुल्लाह ﷺ की हिदायतों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया।

इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन मौलाना यूसुफ़ हुसैनी ने कहा कि विद्यार्थियों को तिब्ब-ए-नबवी का गहन अध्ययन कर शोध कार्य करना चाहिए ताकि इसकी वास्तविक अहमियत दुनिया के सामने आ सके।

वहीं मौलाना यूनुस हुसैनी ने सीरतुन्नबी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रसूलुल्लाह ﷺ का जीवन हर इंसान के लिए आदर्श है। उन्होंने बताया कि बहुत-सी सुन्नतों की उपयोगिता पर वैज्ञानिक शोध मौजूद हैं और अब भी शोध जारी है। उन्होंने दौर-ए-जाहिलियत में स्त्रियों पर हुए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लाम ने उन्हें न्याय और अधिकार दिए। साथ ही विद्यार्थियों को सहाबियात के जीवन का अध्ययन कर आदर्श अपनाने की नसीहत दी।

कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर हकीम अरशद अली ने तक्मीलुत्तिब कॉलेज लखनऊ के प्राध्यापक डॉ. रफ़ीउद्दीन के आकस्मिक निधन (हार्ट अटैक) पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनकी मग़फ़िरत के लिए दुआ की अपील की।

सम्मेलन का संचालन डॉ. अल्ताफ़ अहमद ने किया और अंत में मौलाना यूनुस हुसैनी की दुआ पर कार्यक्रम संपन्न हुआ।

Karunakar Ram Tripathi
58

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap