शोध छात्र को सीयर ब्लाक प्रमुख द्वारा जाति सूचक गाली देने और जान से मारने की धमकी
धनंजय शर्मा
बिल्थरारोड, बलिया। बिल्थरारोड उभांव थाना क्षेत्र के तुर्तीपार ग्रामसभा निवासी शोध छात्र दीपक कनौजिया पुत्र कमलेश कनौजिया को तुर्तीपार गांव निवासी सीयर ब्लाक प्रमुख आलोक कुमार सिंह द्वारा मोबाइल पर जातिसूचक गाली देने व जान से मारने - पीटने की धमकी देने के आरोप में मिली तहरीर पर पुलिस ने सीयर ब्लाक प्रमुख पर सम्बंधित धाराओ में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस करवाई से चर्चाओं का बाजार गर्म है। तुर्तीपार गांव निवासी दीपक कन्नौजिया s/o कमलेश कन्नौजिया द्वारा पुलिस को दिए गए तहरीर में उल्लेख किया गया है कि मैं अनुसूचित जाति का व्यक्ति व लखनऊ विश्वविद्यालय में शोध छात्र हूँ। आलोक सिंह (ब्लक प्रमुख सियर) ने दिनांक 21मई 2025 को शाम 4.39 बजे लखनऊ विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में अध्ययन के दौरान मुझे अपने मोबाइल से फोन करके मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए मां की गाली देने लगे और जब मैंने इनसे गाली देने का कारण पूछा तो पढ़ाई लिखाई कैरियर और उम्र का हवाला देते हुए जान से मारने पीटने की धमकी भी देने लगे, जबकि बातचीत में मैने उनके पद और उम्र की गरिमा का ख्याल रखते हुए चाचा जी, चाचा जी कहकर सम्बोधित करता रहा फिर भी ये मुझे डराते धमकाते और मारने की धमकी देते रहे, इन्होने यह भी कहा की मेरी बात रिकार्डिंग कर लो, इनको शासन, प्रशासन और उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था से कोई डर नही है। इस धमकी के बाद मेरे और मेरे परिवार को आलोक कुमार सिंह ब्लक प्रमुख सियर से जान माल का खतरा है। आरोप लगाया है कि ब्लाक प्रमुख आलोक सिंह मेरे परिवार से राजनीतिक रंजिश रखते है क्योंकि मेरे पिताजी ग्रामपंचायत तुर्तीपार के कोटेदार थे। ये अनेकों बार मेरे पिताजी को भी गाली देना धमकी देना, और चौहदी जैसे विषयों में उलझाकर मानसिक रूप से प्रताणित करने से 31अक्टूबर 2024 को दिल का दौरा पड़ने से आकस्मिक मृत्यु हो गयी। वर्तमान समय में मेरी माताजी घर पे अकेली रहती है, वे डरी सहमी है। ये कभी भी मेरी हत्या करा सकते है व खुद व अपने खास लोगों के द्वारा अप्रिय घटना को अंजाम देना चाहते है। दीपक ने प्रदेश सरकार से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा का अनुरोध करते है, और एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति को जान से मारने पीटने व गाली देने की धमकी के अवैधानिक कृत्य के कारण प्राथमिकी दर्ज कर उचित दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग किया है। पुलिस द्वारा सम्बंधित धाराओ में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है।
वही ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि मेरे खिलाफ दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे से चकित हूं। मैं ऐसा कुछ नहीं कहा है। आश्चर्य है कि प्रशासन ने बिना मेरी बात सुने या जांच किए जल्दबाजी में यह कार्यवाही की, ये पूरा मामला सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने का है। जब मैं अतिक्रमण रोकने की कोशिश की तो इसे जातिगत रंग देकर मेरे खिलाफ झूठा केस किया गया। अगर विकास रोकने वालों को रोकना गलत है तो मुझे कोई परवाह नहीं मुझे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है।