सेहत को नुकसान पहुंचने का खतरा हो तो रोज़ा छोड़ सकती है गर्भवती महिला - उलमा किराम
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबरों पर सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा।
1. सवाल : हामिला (गर्भवती) महिला के लिए रोज़े का क्या हुक्म है? (शाहीना, बड़गो)
जवाब : अगर हामिला (गर्भवती) महिला को रोज़ा रखने की वजह से खुद की या बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचने का खतरा हो तो रोज़ा छोड़ने की इजाज़त है। हां बाद में इनकी क़ज़ा करना ज़रूरी है। (मुफ्ती अख़्तर हुसैन)
2. सवाल : रोज़े की हालत में भाप (स्टीम) लेना कैसा? (अली, तुर्कमानपुर)
जवाब : रोज़े की हालत में भाप लेना जायज नहीं। इससे रोजा टूट जाएगा। (मुफ्ती अजहर शम्सी)
3. सवाल : रोज़े की हालत में माउथवॉश से कुल्ली कर सकते हैं? (हेरा, लखनऊ)
जवाब : नहीं रोज़े की हालत में माउथवॉश से कुल्ली करना मना है। (कारी अनस रज़वी)
4. सवाल : अगर कोई शख्स रोज़े की हालत में बेहोश हो गया तो उसका रोज़ा हुआ कि नहीं? (तारिक, नखास)
जवाब : अगर बेहोश हुआ और रात ही में होश आ गया तो उस दिन का रोज़ा हो गया और अगर एक से ज्यादा दिन बेहोश रहा तो पहले दिन का रोज़ा हो गया बकिया रोज़ों की कजा करे। (मुफ्ती मेराज अहमद)
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