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Sat, 07 Nov 2026 11:43 PM

गया में नल जल योजना टाय टाय फिस्स।

समुचित देखभाल के अभाव में बेकार पड़ी है जलापूर्ति केंद्र।

भीषण गर्मी में ग्रामीणों के समक्ष पेयजल की गंभीर संकट ,लोगों ने अधिकारियों से लगाई गुहार।

 रिपोर्ट विनोद विरोधी 

गया, बिहार।

सूबे में सात निश्चय योजना के तहत आम नागरिकों को पेयजल की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से चलाए गए नल जल योजना जिले में टांय-टांय फिस्स होकर रह गई है। विगत दो वर्षो के अंदर विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर से विमुख हो गया है। प्राकृतिक आपदा के दौरान आए आंधी तूफान से जिले के कई ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप है ।कारण है कि आंधी तूफान से कई स्थानों के टंकी उड़कर टूट गए हैं ,तो कई स्थानों पर देख-रेख के अभाव में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है अथवा वहां लगे मोटर पंप खराब हो गए हैं। परिणामत: इस भीषण गर्मी में कई इलाकों में पेयजल की भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। जिले के डोभी प्रखंड के पट्टी पंचायत स्थित वार्ड संख्या सात में लगे पानी टंकी 2 साल पूर्व से ही बंद है ।क्योंकि यहां आए आंधी में उक्त टंकी गिरकर टूट गए हैं ,जिसे कोई देखने वाला नहीं है। इस बाबत स्थानीय विकास मित्र सत्य प्रकाश मांझी ने बताया कि इस आशय की शिकायत डोभी प्रखंड के अधिकारियों को अवगत कराया गया था ,लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है ।इसी तरह इसी प्रखंड के कुरमावां पंचायत के वार्ड संख्या 6 का भी कमोबेश यही स्थिति है जिससे पेयजल की आपूर्ति ठप है। इधर बाराचट्टी प्रखंड के झाझ पंचायत में भी इस तरह की सूचना प्राप्त हुई है। स्थानीय निवासी व समाजसेवी रवि शंकर ने बताया कि झाझ पंचायत के धमना गांव में पीएचडी विभाग से पानी टंकी का निर्माण 75 लाख की लागत से किया गया था तथा सरकारी स्तर पर एक कर्मचारी की भी नियुक्ति देखभाल के लिए लगाया गया था, किंतु विडम्बना है कि योजना से स्थानीय नागरिकों को एक बूंद भी पानी नहीं मिल रहा है। गांव की आबादी करीब 700 घरों की है। जहां इन दिनों पेयजल की गंभीर समस्या बनी है।उन्होंने जनता दरबार में आयोजित जिला पदाधिकारी गया को एक आवेदन देकर शीघ्र ही पर जलापूर्ति की मांग की है तथा बंद पड़े नल जल योजना का शीघ्र चालू करने की गुहार लगाई है।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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