जम्हड़िया पुल से भारी वाहनों और बड़ी बसों के परिचालन पर लगी रोक, बढ़ी लोगों की चिंता।
विश्वनाथ कुमार
पकरीबरावां, नवादा, बिहार।
नवादा-जमुई स्टेट हाईवे पर धमौल थाना क्षेत्र के जम्हड़िया स्थित पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रशासन ने आमजनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारी वाहनों एवं बड़ी बसों के परिचालन पर पूर्णतः रोक लगा दी है. मंगलवार से इस आदेश को प्रभावी कर दिया गया है. पुल के दोनों छोर पर मजबूत बैरियर लगाया गया है तथा पुलिस बल की तैनाती कर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी परिस्थिति में प्रतिबंधित वाहनों का आवागमन न हो सके.
बताया जाता है कि जम्हड़िया पुल काफी समय से जर्जर अवस्था में है. सड़क निर्माण विभाग द्वारा पूर्व में भी पुल की खराब स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई थी और बैरियर स्थापित किया गया था. लेकिन कुछ वाहन चालकों द्वारा बैरियर को क्षतिग्रस्त कर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया था, जिससे पुल पर दबाव लगातार बढ़ता रहा. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग एवं स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से पुनः सख्त कदम उठाते हुए नए सिरे से मजबूत बैरियर लगाया है.
धमौल थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने बताया कि पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह निर्णय पूरी तरह जनहित में लिया गया है. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए भारी वाहनों और बड़ी बसों के आवागमन पर रोक आवश्यक थी. उन्होंने वाहन चालकों से प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने तथा नियमों का पालन करने की अपील की है. साथ ही चेतावनी दी कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव दैनिक यात्रियों, व्यवसायियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों पर पड़ने की संभावना है. भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाने की मजबूरी के कारण यात्रा की दूरी और समय दोनों बढ़ जाएंगे. मालवाहक वाहनों के परिचालन खर्च में वृद्धि होने से परिवहन लागत भी बढ़ सकती है, जिसका असर स्थानीय व्यापार पर पड़ना स्वाभाविक माना जा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर प्रतिबंध लगने से क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क प्रभावित होगा. बड़ी बसों का परिचालन बंद होने से यात्रियों को छोटे वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा. स्कूली बच्चों, कॉलेज के विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को भी लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है. इससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियां बढ़ेंगी.
गौरतलब है कि नवादा-जमुई स्टेट हाईवे बिहार को झारखंड और पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है. इस सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह प्रमुख संपर्क मार्ग माना जाता है. आगामी श्रावणी मेले को देखते हुए इस सड़क का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु इसी मार्ग का उपयोग करते हैं.
इसके अलावा यह मार्ग जैन धर्मावलंबियों के प्रसिद्ध तीर्थस्थल लछुआड़ सहित कई धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ता है. ऐसे में पुल पर लगी रोक का प्रभाव क्षेत्रीय आवागमन के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन पर भी पड़ सकता है.
स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग से क्षतिग्रस्त पुल की शीघ्र मरम्मत कराने तथा स्थायी समाधान निकालने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में आवागमन की समस्या और गंभीर हो सकती है. फिलहाल प्रशासन लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.