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Sat, 23 May 2026 01:11 AM

ईद उल जुहा (बकरीद) में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने की समीक्षा बैठक।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।

मोहम्मद ग़ुलाम सरवर।

जमुई , बिहार।

आगामी 28 म‌ई 2026 को ईद-उल-अज़हा (बकरीद) त्योहार के अवसर पर जिले में शांति, आपसी सौहार्द, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और अचूक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समाहरणालय के संवाद कक्ष में बीते कल एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) एवं पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल (भा.पु.से.) की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी बकरीद त्योहार के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम करना और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस तंत्र को पूरी तरह चाक-चौबंद करना था। 

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने उपस्थित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और थाना अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में चिन्हित किए गए संवेदनशील और अति-संवेदनशील स्थलों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को इन स्थलों का व्यक्तिगत रूप से स्थलीय निरीक्षण और निरंतर भ्रमण करने का आदेश दिया, साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया कि पूर्व में घटी छोटी-बड़ी घटनाओं का गहराई से पुनरावलोकन किया जाए। उन्होंने कहा कि पुराने अनुभवों के आधार पर वर्तमान परिस्थितियों की संवेदनशीलता का एक सटीक और व्यावहारिक आकलन किया जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति का पूर्वानुमान लगाकर उसे समय रहते प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने प्रशासन के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन ईद-उल-जुहा (बकरीद) को पूर्व के त्योहारों की तरह ही पूरी तरह शांतिपूर्ण, गरिमयय और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि, इस उद्देश्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए जमीनी स्तर पर अतिरिक्त प्रशासनिक सतर्कता और निरंतर निगरानी रखना अनिवार्य है, और इसमें किसी भी स्तर पर थोड़ी सी भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक मुस्तैदी को धरातल पर उतारने के लिए बैठक में जिले के सभी थानों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों और दोनों समुदायों के सम्मानित व्यक्तियों के साथ 'शांति समिति' की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समाज में आपसी विश्वास और भाईचारे का माहौल मजबूत हो सके। इसके अतिरिक्त, चिन्हित किए गए अति-संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, समाज में अफवाह फैलाने वाले, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालने वाले और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए, उनके विरुद्ध अग्रिम रूप से अधिक से अधिक निरोधक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है। चूंकि आगामी समय में पंचायत चुनाव भी प्रस्तावित हैं, इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने की बात कही है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक या चुनावी प्रतिद्वंद्विता के कारण उत्पन्न होने वाले किसी भी संभावित तनाव को तुरंत पहचानें और उसे दूर करने हेतु आवश्यक कार्रवाई अभी से ही शुरू कर दें।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल ने अपने संबोधन में कहा— "जिले की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और कौमी एकता को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार का व्यवधान या संदिग्ध गतिविधि कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून हाथ में लेने का प्रयास करने वाले या शांति व्यवस्था में खलल डालने वाले उपद्रवी व शरारती तत्वों के साथ पुलिस प्रशासन बेहद कड़ाई और सख्ती से निपटेगी।" इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल ने सभी थानाध्यक्षों , पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सघन गश्त (पेट्रोलिंग) करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, त्योहार की आड़ में माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों को त्वरित रूप से चिन्हित कर, उनके विरुद्ध उचित निरोधात्मक कार्रवाई (Preventive Action) सुनिश्चित करने हेतु अनुमंडल दंडाधिकारी को निर्देशित किया गया है। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और त्योहार को भाईचारे के साथ मनाएं।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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