न्यायालय में स्टांप टिकट का कालाबाजारी कर दोबारा स्टाम्प का उपयोग करने में तीन को पुलिस ने पकड़ा।
शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय व्यवहार न्यायालय में
अधिवक्ता कल्याण कोष के
स्टांप का दोबारा इस्तेमाल करने को लेकर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई ।जिला विधि संघ के सचिव,
भोला बाबू कॉलोनी निवासी,
योगेश चंद्र प्रसाद ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नगर थानाअध्यक्ष,धीरज कुमार ने संवाददाता को बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तीन लोगों को पकड़ा गया है। प्राथमिकी में योगेश चंद्र प्रसाद ने बताया है कि विगत एक वर्षों से न्यायालय में उपयोग किया जाने वाला विभिन्नअभिलेख पर लगे वेलफेयर स्टांप को नोच कर उसको पुनःप्रयोग में लाया जा रहा था,इसमें कई वेंडर के अलावा अधिवक्ता लोग शामिल थे।इस कारण से स्टांपवेंडरों की स्टांप की बिक्री कम हो गई थी,इससे राजस्व को क्षति हो रही थी।
इसी को लेकर जिला विधि संघ ने एक जांच टीम बनाई थी।इसी क्रम में टंकक के द्वारा एफिडेविट एवं अन्य अभिलेखों को टाइप करके
उसपर आवश्यक टिकट दोबारा उपयोग किया जा रहा था।चनपटिया थाना क्षेत्र के पिपरा निवासी,टंकक,सुमन कुमार श्रीवास्तव के द्वारा तैयार किए गए दो शपथ पत्र पर पूर्व में उपयोग किया हुआ वेलफेयर स्टांप का दो टुकड़ा को साट कर चिपकाए हुआ मिला,तलाशी के दौरान उनके पास से पूर्व में उपयोग किया गयाअधिवक्ता कल्याणकोष का वेलफेयर स्टांप,तथा एक दो टुकड़ा वेलफेयर स्टांप भी बरामद किया गया।सुमन कुमार श्रीवास्तव के निशानदही पर,मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रानीपकड़ी निवासी,अधिवक्ता,राकेश कुमार उर्फ राकेश कुमार तिवारी की जांच की गई, उनके पास से 20अधिवक्ता कल्याण कोष का स्टांप पाया गया,जिस पर जिला विधिक संघ का जाली मोहर लगा हुआ था,टिकट पर संघ के सचिव का हस्ताक्षर नहीं था।
इसके बाद निगरानी समिति ने संघ भवन दो के नीचे से
चनपटिया के भैंसाही निवासी
उपेंद्र पटेल को पकड़ा गया,
उनके पास से तीन शपथ पत्र मिला,जिस पर संघ के सचिव के बिना हस्ताक्षर किए जाली मोहर लगा हुआ था। पूछने पर उन्होंने बताया कि तीनों शपथ पत्र पर प्रयुक्त वेलफेयर स्टैंप राकेश कुमार से खरीदा गया था।