Tranding
Sat, 11 Apr 2026 05:59 PM
धार्मिक / Jan 13, 2026

अकीदा इस्लाम की जड़ है - हाफिज रहमत अली

इस्लामी बहनों के लिए अकीदे की विशेष कार्यशाला का आगाज।

सैय्यद फरहान अहमद

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

इस्लामी बहनों के लिए पांच सप्ताह तक चलने वाली इस्लामी अकीदे की विशेष कार्यशाला का आगाज जामिया अल इस्लाह एकेडमी नौरंगाबाद गोरखनाथ व मदरसा रजा-ए-मुस्तफा तुर्कमानपुर में किया गया। अध्यक्षता शीरीन आसिफ ने की।

मुख्य वक्ता हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा इस्लामी में अकीदे (ईमान/आस्था) की बहुत ज्यादा अहमियत है। अकीदा इस्लाम की जड़ है। जैसे बिना जड़ के पेड़ नहीं टिक सकता, वैसे ही बिना सही अकीदे के कोई भी नेक अमल (काम) अल्लाह के नजदीक कुबूल नहीं होता। अकीदा इंसान को उसके पैदा होने का मकसद बताता है, जो कि केवल एक अल्लाह की इबादत करना (तौहीद) है। सही अकीदा इंसान को गुमराही से बचाता है और कयामत के दिन जहन्नुम की आग से निजात और जन्नत की गारंटी देता है। अल्लाह पर अटूट विश्वास इंसान को मुश्किल वक्त में सब्र और सुकून देता है, क्योंकि वह जानता है कि हर चीज अल्लाह के दस्ते कुदरत में है। जब एक व्यक्ति का अकीदा मजबूत होता है, तो उसके व्यवहार और नैतिकता में सुधार आता है, क्योंकि उसे पता होता है कि अल्लाह उसे हर वक्त देख रहा है।

अंत में दुरूद ओ सलाम पढ़कर हिंदुस्तान में आपसी मुहब्बत, भाईचारे व एकता की दुआ मांगी गई। कार्यशाला में ज्या वारसी, शबनम, नूर सबा, शीरीन सिराज, अफसाना, शिफा खातून, फिजा खातून, नौशीन फातिमा, सना फातिमा, असगरी खातून, यासमीन, आयशा, फरहत, नाजिया, तानिया अख्तर, अख्तरून निसा, अलीशा खातून, सादिया नूर, खुशी नूर, मंतशा, रूमी, शीरीन बानो, समीना बानो, शबाना, सिदरा, सानिया, उम्मे ऐमन, शीरीन आसिफ, सना खातून, आरजू अर्जुमंद, गुल अफ्शा, अदीबा, फरहीन, आफरीन सहित तमाम इस्लामी बहनें मौजूद रहीं।

_________

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
27

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap