बीमारियों से निपटने हेतु सामुदायिक सहभागिता प्रभावी माध्यम- डॉ. बीके वर्मा
डा. रामजी शरण राय
दतिया, मध्यप्रदेश।
जिले में एम्बेड (Elimination of Mosquito Borne Endemic Diseases) परियोजना की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक (तीन दिवसीय)
का शुभारंभ होटल तान्या पैलेस के सभागार में हुआ। बैठक का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर मच्छर जनित बीमारियों के उन्मूलन हेतु समुदाय आधारित स्वयंसेवी नेतृत्व वाले नए मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. बी.के. वर्मा (सीएमएचओ, दतिया) ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि मलेरिया जैसी बीमारियों से निपटने के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग नहीं, बल्कि समुदाय की सहभागिता सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि गांव-स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवक ही असली परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी दतिया डॉ. राहुल चउदा ने बताया कि एम्बेड परियोजना में युवाओं और स्वयंसेवकों को जोड़कर सर्वे, लार्वा स्रोत नियंत्रण, और उपचार फॉलोअप जैसे कार्य किए जा रहे हैं। वहीं ग्वालियर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद डोनारिया ने परियोजना की उपलब्धियों का विवरण देते हुए कहा कि समुदाय आधारित दृष्टिकोण से संक्रमण दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
बैठक में राजेश वर्मा (परामर्शदाता, वीबीडीसीपी ग्वालियर) तथा रामजीशरण राय सदस्य बाल कल्याण समिति दतिया ने अपने अनुभव साझा किए जिनमें बाल अधिकारों के साथ ही एम्बेड परियोजना में स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में फैमिली हेल्थ इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर श्री सोम कुमार शर्मा ने एम्बेड परियोजना की प्रगति, उद्देश्यों और स्वयंसेवी नेतृत्व मॉडल की रूपरेखा पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का सफल व प्रभावी सफल संचालन विजय मिश्रा संभागीय समन्वयक ने किया।
प्रथम दिवस के अंत में एनवीबीडीसीपी (NVBDCP) के परामर्शदाता द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मलेरिया उन्मूलन से संबंधित नवीन तकनीकी उपायों, डेटा रिपोर्टिंग और फील्ड गतिविधियों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला समन्वयक अशोककुमार शाक्य ने आभार व्यक्त किया। उक्त जानकारी जिला समन्वयक महेश जाटव ने दी।