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Tue, 14 Apr 2026 09:33 AM

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127-क में वर्णित प्रावधानों के अनुसार जिला निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने निम्न निदेश दिये..

अंजुम शहाब की रिपोर्ट

मुज़फ्फरपुर, बिहार।


1.कोई भी व्यक्ति कोई ऐसी निर्वाचन पुस्तिका या पोस्टर जिसके मुख्य पृष्ठ पर उसके मुद्रक और प्रकाशक के नाम और पते न हों, मुद्रित या प्रकाशित न करेगा और न मुद्रित या प्रकाशित कराएगा।

2.कोई भी व्यक्ति किसी चुनावी पैम्पलेट या पोस्टर को न तो मुद्रित करेगा और न ही मुद्रित करवाएगा जब तक कि उसके प्रकाशक की पहचान के संबंध में हस्ताक्षर सहित घोषणा न की गयी हो और उसे व्यक्तिगत रूप से पहचाननेवाले दो व्यक्तियों के द्वारा अभिप्रमाणित और सत्यापित न की गई हो, उसके द्वारा प्रकाशक को दो प्रतियों में घोषणा न सौंपी गई हो और जब तक की मुद्रण पश्चात दस्तावेज के साथ घोषणा की एक प्रति के साथ उचित समय में प्रस्तुत नहीं कर देता है।

(क) उस दशा में जिसमें की वह राज्य की राजधानी में मुद्रित की जाती है, मुख्य निर्वाचन अधिकारी को तथा (ख) किसी अन्य दशा में उस जिले के जिसमें कि वह मुद्रित की जाती है जिला मजिस्टेªट को दस्तावेज के मुद्रण के पश्चात युक्तियुक्त समय के भीतर भेज देता है।

इस प्रकार धारा 127 क के प्रावधानों के अनुसार निर्वाचन पैम्पलेट या पोस्टर के उपर उसके प्रिंटर और प्रकाशक का नाम और पता होना चाहिए तथा दस्तावेज के मुद्रण के तीन (3) दिनों के भीतर प्रकाशक की घोषणा सहित मुद्रित सामग्री की चार (4) प्रतियाॅ जिला मजिस्टेªट को भी भेजी जानी चाहिए।

इस प्रकार धारा 127 क के उपबंधों तथा आयोग के उपर्युक्त दिशा निर्देशों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा तथा मामले में यथोचित कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें राज्य के सुसंगत कानूनों के अधीन प्रिंटिंग प्रेस के लाईसेंस को रद्द किया जाना भी शामिल है।

Karunakar Ram Tripathi
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