Tranding
Fri, 27 Feb 2026 11:49 PM

APCR की कानूनी सहायता से 9 क़ैदी रिहा।

सेराज अहमद कुरैशी

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन आफ सिविल राइट्स (APCR) जो गरीब और पिछड़े लोगों की कानूनी सहायता और मार्गदर्शन, गरीबों के लिए कानूनी सुरक्षा, अन्याय के शिकार लोगों के लिए कानूनी रक्षा और देश व समाज से अन्याय और अत्याचार के अंत के लिए प्रयासरत है। ऐसे वातावरण में जहां समाज के किसी व्यक्ति द्वारा किए गए किसी अपराध के कारण समाज और स्वयं उसके घर परिवार वाले उससे नाता तोड़ लेते हैं, इन स्थितियों में एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ऐसे व्यक्तियों की कानूनी सहायता करती है।

इसी कड़ी में गोरखपुर बिछिया जेल से एडवोकेट अनवार आलम कि सहायता से आज एक कैदी सागर डोम पुत्र दीपचन्द, सूर्यविहार कॉलोनी, थाना तिवारीपुर, गोरखपुर को रिहा कराया गया। ज्ञात हो की एपीसीआर को-अर्डिनेटर मीना देवी ने इलाहाबाद झूंसी एपीसीआर के अधिवक्ता सूफियान खान के सहयोग से नैनी सेंट्रल जेल से आठ कैदियों को रिहा कराया। रिहा हुए कैदियों के नाम 1 अमरीका उर्फ लल्ला पटेल पिता भोला 2 रिंकू पिता हरिगेन 3 सोनू पिता विजय बहादुर 4 राहुल लक्खा पिता उमाशंकर निषाद 5 राजन भारतीय पिता स्व: कैलाश 6 सोनू पिता नन्दलाल 7 सलीम पिता मो. सगीर 8 गौरव पांडेय पिता विलाक पांडेय आदि है।

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स के प्रदेश सचिव एडवोकेट नज्मुस्साकिब ने बताया कि अभी भी राज्य के विभिन्न जेलों में छमता से अधिक कैदी बंद हैं, और उनमें कई ऐसे गरीब व नादार कैदी भी जेल की मुसीबतें झेल रहे हैं जो मामूली अपराध के कारण सजा भुगत रहे हैं और वो कानूनी बचाओ की ताकत नहीं रखते है। ऐसे कैदियों की कानूनी सहायता करके उन्हें रिहाई दिलाने और सामाजिक जीवन से जोड़ने की जरूरत है ताकि समाज में अपराध का अनुपात कम हो सके।

इस अवसर पर गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष मारकंडे मणि त्रिपाठी, कुन्दन उपाध्याय (वरिष्ठ पत्रकार), आफताब अहमद और मोहम्मद राफे आदि मौजूद थे। इस पूरे मामले में जेल प्रशासन विशेषकर ए के कुशवाहा (जेलर) का पूरा सहयोग प्राप्त रहा।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
118

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap