वैश्विक स्तर पर योग को मिली है नई पहचान - पिंकी तिवारी
नवल्स नेशनल एकेडमी, कुसम्ही में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन।
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नवल्स नेशनल एकेडमी कुसम्ही,गोरखपुर के प्रांगण में अध्यापक एवं अध्यापिकाओं ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।
इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य पिंकी तिवारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग के महत्व को बताते हुए कहा कि योग भारतीय प्राचीन पद्धति है जो हमारे मन मस्तिष्क एवं शरीर को संतुलित एवं चुस्त रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने योग के महत्व पर बल देते हुए बताया कि हजारों वर्षों से योग भारतीय संस्कृति दर्शन और जीवन पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है।
प्रधानाचार्य पिंकी तिवारी ने बताया कि पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून सन 2015 को मनाया गया था और अब तो भारत के आतिरिक्त अन्य देशों में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगा के बहुत सारे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। योग को आज वैश्विक पहचान मिली है।
नवल्स नेशनल एकेडमी की अध्यापिका प्रगति श्रीवास्तव ने विभिन्न आसनों के द्वारा योगाभ्यास कराया गया।
उन्होंने बताया कि आज की भाग दौड़ भरी आधुनिक जीवन शैली में मनुष्य को अनेकों चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योग के द्वारा वह अपने शरीर को संतुलित रख सकते हैं।