गौ सेवा के माध्यम से संगठन विस्तार व सेवा का मार्गदर्शन।
अखिलेश्वर धर द्विवेदी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौ सेवा गतिविधि के अंतर्गत चल रहे तीन दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में तीसरे दिन समापन सत्र में संगठन विस्तार एवं गौ आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। गौ सेवा व उत्पाद की जानकारी दी गई। सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग में अखिल भारतीय प्रशिक्षण प्रमुख ईएन राघवन ने विधि-विधान से हवन कराया। कार्यकर्ताओं ने मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दीं और वातावरण को भक्तिमय बना दिया। हवन के माध्यम से राष्ट्र एवं समाज की उन्नति की कामना की गई। उन्होंने ब्रह्म को जानने वाला ब्राह्मण है।वेद व ज्ञान से तथा सत्य बोलने वाला ही बाह्मण है प्रथम सत्र में क्षेत्रीय सह संयोजक सर्वजीत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन विस्तार का मूल मंत्र बताया। उन्होंने ने कहा कि गौ सेवा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त आधार है। गौ उत्पादन को घर-घर तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। इसके अंतर्गत गौ आधारित उत्पाद जैसे गोबर व गो अर्क से निर्मित औषधियां, जैविक खाद, धूप-बत्ती, साबुन आदि को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक गांव एवं मोहल्ले में गौ सेवा से जुड़े छोटे-छोटे केंद्र स्थापित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य किया जा सकता है। गौ चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गौवंश के उपचार के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है, जिससे समय पर उपचार संभव हो सके। इसके साथ ही उन्होंने औषधि निर्माण में गौ उत्पादों के महत्व को विस्तार से समझाया और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक संदर्भ में अपनाने का आह्वान किया।उन्होंने चकमक पत्थर तैयार करके खाद निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि यह तकनीक खेती के लिए अत्यंत उपयोगी और पर्यावरण अनुकूल है। इससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होती है। गौ सेवा के विभिन्न आयामों को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल सेवा नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ, स्वावलंबी और संस्कारित बनाने का माध्यम है।
प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने गौ सेवा के विविध आयामों को समझते हुए इसे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण में प्रांत संयोजक अखिलेश जी, प्रांत संघचालक डा महेंद्र अग्रवाल, सह संयोजक फूलवदन प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख राजकुमार शर्मा, डा संजय श्रीवास्तव, डा के सुनीता, अखिलेश्वर धर द्विवेदी, नंदकिशोर शर्मा,अच्युतानंद तिवारी,मनमोहन जजोदिया, डा विनय, शैलेश गुप्ता, सुधांशु,अविरल , रमेश तिवारी, विनोद शर्मा, परमानंद शर्मा सहित अन्य प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।