मदरसा अनवारुल कुरैश के 20वें सालाना जलसे में चार छात्रों की दस्तारबंदी।
आधुनिक शिक्षा और IAS/PCS की तैयारी पर दिया गया जोर।
भारत समाचार न्यूज एजेंसी
अमरोहा, उत्तर प्रदेश।
मोहल्ला शफ़ाअत पोता स्थित मदरसा अनवारुल कुरैश का 20वाँ सालाना अज़ीमुश्शान जलसा व दस्तारबंदी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस गौरवशाली अवसर पर कुरान पाक हिफ्ज़ करने वाले चार होनहार छात्रों की दस्तारबंदी की गई और उन्हें सनद प्रदान की गई।
उलेमा के हाथों छात्र और उस्ताद सम्मानित:
जलसे में कुरान पाक हिफ्ज़ करने वाले छात्र हाफ़िज़ मुहम्मद हमदान, हाफ़िज़ मुहम्मद नवाज़, हाफ़िज़ मुहम्मद अबुजर और हाफ़िज़ मुहम्मद अर्श की दस्तारबंदी उलेमा-ए-किराम के मुबारक हाथों से हुई। मदरसे के मोहतमिम शाहनवाज़ अंदाज़ अमरोहवी, एजाज़ कुरैशी और आरिफ़ कुरैशी ने इन हाफ़िज़ों को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। बच्चों को हिफ्ज़ कराने वाले उस्ताद व मदरसे के नाज़िम मौलाना अख़लाक़ को भी उनकी कड़ी मेहनत के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
शुक्र और सब्र ही सच्चे मोमिन की पहचान: मुफ्ती अब्दुल गफूर
मुख्य वक्ता के रूप में संभल से तशरीफ़ लाए हज़रत मौलाना मुफ्ती अब्दुल गफूर साहब ने अपने संबोधन में कहा कि हमें हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करते रहना चाहिए। शुक्र अदा करने से अल्लाह अपनी नेमतों से नवाजता है। उन्होंने जोर दिया कि सब्र, शुक्र और सिर्फ अल्लाह से ही मांगना ही अल्लाह के सच्चे बंदों की निशानी है।
कुरान हिफ्ज़ करने के बाद दुनिया की हर किताब आसान: शाहनवाज़ अंदाज़
मुफ्ती साहब के बयान के बाद मदरसे के मोहतमिम शाहनवाज़ अंदाज़ अमरोहवी ने शिक्षा के आधुनिक और दीनी संगम पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा, "मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे इंग्लिश, कंप्यूटर साइंस और आधुनिक विषयों में भी अपनी तालीम हासिल करें। मेरा लक्ष्य है कि ये बच्चे IAS और PCS जैसे बड़े कॉम्पिटिशन की तैयारी करें। जिसने कुरान हिफ्ज़ कर लिया, उसके लिए दुनिया की हर किताब और इम्तिहान बहुत आसान हो जाता है।" उन्होंने आगे कहा, "मेरे 30 साल के तालीमी अनुभव का लाभ उठाएं। यदि आपके पास लगन, कठिन परिश्रम और ईमानदारी है, तो सही मार्गदर्शन के साथ कुछ भी नामुमकिन नहीं है। बच्चे दीन और दुनिया दोनों में मिसाल बनें।"
कार्यक्रम का विवरण:
प्रोग्राम का आगाज़ तिलावत-ए-कुरान पाक से हुआ और मौलाना साद ने बेहतरीन नात-ए-शरीफ पेश की। जलसा हज़रत मौलाना राशिद हुसैन की सरपरस्ती और मुफ्ती मोहम्मद शाहिद साहब की सदारत में आयोजित हुआ।
आभार प्रदर्शन:
अंत में मदरसा कमेटी के एजाज़ कुरैशी, आरिफ कुरैशी, सिकंदर कुरैशी, इरफ़ान कुरैशी, शमीम कुरैशी, वसीम कुरैशी, चौधरी फुरक़ान, नदीम कुरैशी और जावेद कुरैशी ने सभी अतिथियों का शुक्रिया अदा किया। इस अवसर पर सुहेल कुरैशी, शहज़ाद मेंबर, ताजीम नायब, हारुन कुरैशी, मेहरबान अमरोहवी, राजा सैफी, शाहिद सैफी व शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।