शोषितों के हक अधिकार के लिए आजीवन संघर्षरत रहे अमर शहीद जगदेव प्रसाद।
अर्जक संघ ने शहीद जगदेव प्रसाद एवं कवि चंद्रप्रकाश लाल की दी श्रद्धांजलि।
रिपोर्ट :विनोद विरोधी
गया, बिहार।
मानववादी संगठन अर्जक संघ के तत्वाधान में जिले के बोधगया प्रखंड के परसावां गांव में अमर शहीद जगदेव प्रसाद की 51वीं शहादत दिवस पखवाड़ा एवं मानववादी कवि चंद्र प्रकाश लाल की तृतीय स्मृति दिवस संयुक्त रूप से मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि व्यक्त की गई तथा वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि के रूप में आए अर्जक संघ के पूर्व प्रदेश महामंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार लेनिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद ने समाज के वंचित व उपेक्षित वर्गों की उत्थान, समृद्धि व स्वावलंबन के लिए लड़ी गई लड़ाई में अपनी कुर्बानी दी। वे 90 फीसदी शोषितों के हक अधिकार के लिए हमेशा संघर्षरत रहे। उन्होंने 'सौ में 90 शोषित है, 90 भाग हमारा है'के आह्वान के साथ सूबे में तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे महामाया की सरकार को महज तीन दिनों में गिरा दी थी और नई सरकार का गठन किया था। जिसके कारण दिल्ली की तत्कालीन कांग्रेस की हुकूमत हिल गई थी ।वहीं मानववादी विचारक व अर्जक संघ के जिला समिति सदस्य वीरेंद्र कुमार अर्जक ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अर्जक संघ पाखंड पर आधारित व्यवस्था को समूल नाश करने के लिए कृत संकल्प है। समाज में फैले ऊंच- नीच, छुआछूत को मिटाकर समता,बंधुत्व व भाईचारा की स्थापना करना चाहता है। उन्होंने मानववादी कवि चंद्र प्रकाश लाल की चर्चा करते हुए कहा कि वे अपना जीवन काल में बहुत ही कम पढ़े-लिखे होने के बावजूद अमर शहीद जगदेव प्रसाद एवं शहीद द्वारिका प्रसाद पर महाकाव्य की रचना की। वे आजीवन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्षरत रहे। इस मौके पर अपने विचार व्यक्त करने वाले अन्य लोगों में अर्जक संघ के जिलाध्यक्ष प्रहलाद राय,जिलामंत्री व पत्रकार विनोद विरोधी, भिखारी अर्जक, ब्रजेश कुमार सिंह, बालमुकुंद प्रसाद,नागेंद्र कुमार,आदित्य राज गौतम, शंकर पासवान आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेश कुमार दीनबंधु ने की।