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Thu, 30 Apr 2026 07:27 AM

छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिलाधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक

ब्युरो चीफ सैय्यद अनवर कादरी

छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर जिले में रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। फिर भी स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील (शालेय पोषण आहार), आदिवासी विकास और सामाजिक न्याय विभाग के छात्रावासों, आश्रमशालाओं तथा अस्पतालों में मरीजों के भोजन के लिए गैस की आपूर्ति लगातार जारी रखी जाए, ऐसे निर्देश विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापळकर ने गैस वितरण कंपनियों को दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस आपूर्ति की नियमित निगरानी आपूर्ति विभाग द्वारा की जाए।

गैस एजेंसियों की जांच

जिले में गैस की कमी की अफवाहों के कारण लोगों द्वारा गैस एजेंसियों के बाहर कतारें लगाने की घटनाएं सामने आईं। इस पर जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने सभी गैस वितरण एजेंसियों की जांच करने के निर्देश दिए।

जिले में इसके लिए 11 जांच दल बनाए गए, जिन्होंने गोदामों, वितरण प्रणाली और बुकिंग से लेकर ग्राहकों तक सिलेंडर पहुंचाने की प्रक्रिया की जांच की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक है और बुकिंग के बाद तय समय में ग्राहकों को सिलेंडर मिलेंगे।

उद्योगपतियों के साथ बैठक

दोपहर में जिलाधिकारी कार्यालय में उद्योग संगठनों, आपूर्ति विभाग, गैस कंपनियों, शिक्षा विभाग, आदिवासी विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई।

बैठक में उद्योगों को गैस आपूर्ति के लिए प्राथमिकता नीति तय करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। उद्योग संगठनों ने मांग की कि अस्पतालों के लिए आवश्यक सामग्री बनाने वाले उद्योगों को जरूरत के अनुसार गैस आपूर्ति की विशेष व्यवस्था की जाए। होटल व्यवसायियों ने भी अपना ज्ञापन प्रशासन को सौंपा, जिसे सरकार को भेजा जाएगा।

छात्रों और मरीजों के भोजन के लिए प्राथमिकता

जिले में आदिवासी विकास विभाग की 10 आश्रमशालाओं में लगभग 3522 छात्रों को भोजन दिया जाता है, जिसके लिए प्रतिदिन करीब 25 सिलेंडर की जरूरत होती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इन संस्थानों को गैस की नियमित आपूर्ति जारी रहेगी।

इसके अलावा जिले की 3166 स्कूलों में मिड-डे मील और सामूहिक रसोई के लिए भी गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

यदि छात्र छात्रवृत्ति लेकर निजी भोजनालयों में भोजन करते हैं और वहां कोई समस्या आती है, तो कॉलेज और स्कूल अपने यहां अस्थायी रसोई की व्यवस्था कर सकते हैं। ऐसे मामलों में भी प्रशासन द्वारा गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

अस्पतालों में मरीजों के भोजन और आवश्यक उपचार कार्यों के लिए गैस उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही विज्ञान शाखा के छात्रों की रसायनशास्त्र जैसी प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए आवश्यक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।

साठेबाजी और कालाबाजारी पर कार्रवाई

विभागीय आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गैस कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारियों के संपर्क में रहें और जरूरत की जानकारी देते रहें। यदि कहीं गैस की साठेबाजी या अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Karunakar Ram Tripathi
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