ख्वाजा गरीब नवाज का उर्स-ए-पाक अकीदत से मनाया गया।
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश ।
हिंद के बादशाह महान दरवेश हजरत ख्वाजा मुईनुद्दीन हसन चिश्ती अलैहिर्रहमा (ख्वाजा गरीब नवाज) का 814वां उर्स-ए-पाक शहर में अकीदत के साथ मनाया गया। खपड़े वाली मस्जिद हुसैनाबाद, सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार, मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर और मुस्लिम घरों व दरगाहों में कुरआन ख्वानी व फातिहा ख्वानी हुई। लंगर बांटा गया। कुल शरीफ की रस्म अदा कर मुल्क में अमन, शांति, तरक्की व भाईचारे की दुअा मांगी गई। अकीदतमंदों ने उलमा किराम की जुबानी ख्वाजा गरीब नवाज की जिंदगी के वाकयात, करामात, तकवा व परहेजगारी के बारे में सुना।
मकतब इस्लामियात की शिक्षिका शिफा खातून ने कहा ख्वाजा गरीब नवाज की जिंदगी से हमें इंसानों की खिदमत करने की शिक्षा मिलती है। आज उम्मत की खास तादाद शिक्षा से दूर है लिहाजा जरूरत है कि बुजुर्गों के नाम से लोगों को शिक्षा दिलाने के लिए शिक्षा पर ज्यादा से ज्यादा खर्च किया जाए। मार्डन मदरसा, स्कूल, कॉलेज व यूनिवर्सिटी खोली जाए। इस मौके पर मरियम, अलबिया खान, हसनैन, यासीन, अब्राहम, नोमान, फिरदौस, नाजनीन, आलिया खान, रहमत आदि मौजूद रहे।