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Wed, 17 Jun 2026 01:37 PM

आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर मनाया गया अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस।

करुणाकर राम त्रिपाठी

महराजगंज, उत्तर प्रदेश।

महराजगंज जिले के नगरपंचायत परतावल में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य टीम के द्वारा निम्न उपकेंद्रो-

बड़हरा बरईपार, अन्ध्या, बैरिया , बासपार कोठी , बरगदवा , बरियारपुर, बसहिया खुर्द, बसहिया बुजुर्ग, बसवार, बेलवा ,छपिया ,चौपरिया,डेरवा,धनहा नायक , धरमौली , धरमपुर, हरपुर तिवारी, कतरारी, लखिमा, महादेवा उर्फ बलुआभार, मोहनापुर , नंदना , पुरैना, परसा खुर्द, पिपरिया , पीपरपाती तिवारी, श्यामदेउरवा 

सिरसिया उर्फ मलमलिया , सिसवा मुंशी और तरकुलवा तिवारी मैं अंतर्राष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर एएनएम, सी एच ओ, आशा, आंगनबाड़ी एवं किशोर किशोरीया उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के किशोर स्वास्थ्य काउंसलर अनिरुद्ध गुप्ता ने किशोरियों को संबोधित करते हुए कहा कि माहवारी का आना प्राकृतिक है, यह 9 वर्ष से 16 वर्ष के बीच में किशोरियों में शुरू होती है यह मासिक चक्र 28 दिन पर हर महीने में होता रहता है तथा यह तीन से पांच दिन तक चलता है 28 मई को प्रत्येक वर्ष यह कार्यक्रम मनाया जाता है। इसमें किशोरियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन हेतु सेनेटरी नैपकिंस का वितरण किया जाता है और उनका साफ सफाई रखने के बारे में जागरूक किया जाता है। यदि किसी किशोरी का पीरियड 5 से 7 दिन तक होता है तो भी घबराने की जरूरत नहीं है शुरुआत के दिनों में इस तरह की अनियमितता होती रहती हैं तथा धीरे-धीरे यह नॉर्मल हो जाता है। पीरियड्स के दौरान साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है नहीं तो यह आरटीआई एवं यस टी आई जैसी समस्याओं से ग्रसित हो जाती हैं और इसका दुष्प्रभाव भविष्य में आने वाले दिनों में देखना पड़ता है, इसलिए हमें माहवारी के दौरान विशेष सफाई की जरूरत है तथा साफ सूती कपड़े या सैनिटरी नैपकिंस का ही प्रयोग करना चाहिए और प्रयोग के बाद सैनिटरी नैपकिंस को जमीन के अंदर मिट्टी में दबा देना चाहिए इसको खुले में इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए, जिससे वातावरण में किसी भी तरह की कोई बीमारी न फैले इस दौरान किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।

Karunakar Ram Tripathi
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